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Rent vs Own Home :  लोन पर फ्लैट लेना सही या किराए पर रहने में फायदा, ये बात जानकर खुल जाएगी आपकी आंख

Rent vs Own Home : अपना मकान खरीदना तो हर किसी की ख्‍वाहिश होती है, लेकिन कीमत ज्‍यादा होने की वजह से खरीद नहीं पाते. मकान खरीदने वाला मिडिल क्‍लास नौकरीपेशा व्‍यक्ति 20 साल या उससे ज्‍यादा समय के लिए लोन के चक्‍कर में फंस जाता है. ऐसे में मेट्रो शहरों में आपके लिए मकान खरीदना फायदे का सौदा है या फिर रेंट पर रहकर निवेश करने में लाभ होगा.आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

 
Rent vs Own Home :  लोन पर फ्लैट लेना सही या किराए पर रहने में फायदा, ये बात जानकर खुल जाएगी आपकी आंख

Trending Khabar TV (ब्यूरो) : अपना घर बनाने का सपना तो हर भारतीय की आंखों में पलता है. नौकरीपेशा आदमी तो छोटी-मोटी ख्‍वाहिशों का गला घोंटकर पाई-पाई इकट्ठा करता है और एक अदद घर बना पाता है. मेटो शहरों में तो प्रॉपर्टी खरीदना और भी मुश्किल होता जा रहा. दिल्‍ली-एनसीआर जैसे हॉट रियल एस्‍टेट स्‍पॉट में आज के समय 2 बीएचके मकान खरीदना आसान काम नहीं रह गया है. इसके लिए कम से कम 50 लाख रुपये तो खर्च ही करने पड़ेंगे. ऐसे में एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर आप मेट्रो सिटीज में मकान खरीदने के बजाए किराये पर रहते हैं तो ज्‍यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

मकान खरीदना हमेशा भावनाओं से जुड़ा फैसला होता है. ज्‍यादातर लोग अपना घर इसीलिए खरीदने की चाहत रखते हैं कि उनका परिवार अपनी छत के नीचे रहना सुरक्षित रहे. लेकिन, इमोशन को छोड़ दें तो आपके लिए रेंट पर रहना ज्‍यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है. एकबारगी तो यह सुनकर आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन आज आपको सिंपल कैलकुलेशन के जरिये हम बताएंगे कि आखिर मेट्रो शहरों में अपना मकान खरीदना ज्‍यादा फायदेमंद है या फिर किराये पर रहकर निवेश की रणनीति बनाना.


पहले समझें घर खरीदने का फंडा


मान लीजिए आप दिल्‍ली-एनसीआर में मकान खरीदना चाहते हैं तो आपको 2बीएचके फ्लैट के लिए औसतन 50 लाख रुपये खर्च करने होंगे. एक मिडिल क्‍लास नौकरीपेशा आदमी मुश्किल से 10 से 20 फीसदी रकम ही डाउन पेमेंट दे पाता है. अगर आप 20 फीसदी यानी 10 लाख की रकम डाउन पेमेंट करते हैं तो मकान के लिए 40 लाख रुपये का लोन लेना पड़ेगा. इसके ऊपर से रजिस्‍ट्री, स्‍टांप ड्यूटी व ब्रोकरेज चार्ज अलग होते हैं. मकान लिया है तो फर्नीचर भी जमाना पड़ेगा. इन सब काम में आपके आराम से 5 लाख रुपये तक और लग जाते हैं.

इस तरह देखें तो दिल्‍ली-एनसीआर में आपने 2बीएचके फ्लैट में रहने के लिए 15 लाख रुपये तक अपनी जेब से खर्च किए और 40 लाख रुपये का बैंक लोन लिया. मौजूदा समय में ब्‍याज दरें काफी ज्‍यादा हैं और अगर आपको 20 साल के लिए यह रकम 9 फीसदी ब्‍याज पर भी मिलती है तो हर महीने की ईएमआई 35,989 रुपये चुकानी होगी. आप पूरे टेन्‍योर में कुल 46,37,369 रुपये ब्‍याज के रूप में देंगे. इतना ही नहीं आप लोन चुकाने के लिए अगले 20 साल तक बंध जाएंगे.

अब देखें निवेश का गणित


अब अगर आप अपनी हर महीने की ईएमआई वाली 35,989 रुपये रकम को सिप में और 15 लाख रुपये के खर्चे वाली रकम को एकमुश्‍त निवेश करते हैं तो 20 साल में कितना रिटर्न मिल जाएगा. पहले बात करते हैं सिप की. अगर आप 20 साल तक हर महीने 35,989 रुपये सिप में निवेश करते हैं तो कुल निवेश आपका 86,37,360 रुपये हो जाएगा. इस पर 12 फीसदी का रिटर्न जोड़ लें तो सिर्फ ब्‍याज के रूप में आप 2,73,20,974 रुपये जुटा लेंगे, जबकि कुल रकम बढ़कर 3,59,58,334 रुपये हो जाएगी.

अब हम 15 लाख की रकम को एकमुश्‍त निवेश करके उसका रिटर्न देखते हैं. इस पर भी औसतन 12 फीसदी का रिटर्न देखें तो 20 साल में आपको 1.3 करोड़ रुपये सिर्फ ब्‍याज के ही मिल जाएंगे, जबकि आपकी कुल रकम बढ़कर 1.45 करोड़ रुपये हो जाएगी. इस तरह आप मकान खरीदने की रकम को कर्ज चुकाने के ही समय में बढ़ाकर 5.04 करोड़ रुपये कर सकते हैं. यानी आपने सिर्फ ईएमआई और डाउन पेमेंट की रकम को ही निवेश करके 5 करोड़ का फंड बना लिया.


मकान की कीमत कितनी बढ़ेगी


प्रॉपर्टी मार्केट का रेट हर साल 10 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. ऐसे में अगर आज कोई फ्लैट 50 लाख का है तो 10 साल बाद वह 1 करोड़ और 20 साल बाद 2 करोड़ का हो जाएगा. आपके पास 5 करोड़ का फंड है तो आप इसी तरह के फ्लैट को खरीदकर भी 3 करोड़ बचा सकते हैं. इसके अलावा यह भी ध्‍यान देने वाली बात है कि आज खरीदा गया मकान 20 साल बाद नए मकान जितना कीमती नहीं रह जाएगा.