Premature FD Withdrawal : मैच्योरिटी से पहले एफडी तुड़वाने वाले जान लें ये जरूरी बाते, वरना हो सकता है मोटा नुकसान

Trending Khabar TV (ब्यूरो) : आज के समय में लोग पैसों की बचत करने के लिए एफडी में निवेश करना पंसद करते हैं क्योंकि एफडी में निवेश (investment in FD benefites) कर आप आने वाले भविष्य को सेफ और सुरक्षित बना सकते हैं। हाल ही में रेपो रेट की किमतों में कटौती करने के बाद इसका असर एफडी में निवेश करने वाले लोगों पर भी पड़ा है। ऐसे में वह लोग समय से पहले अपनी एफडी को मेच्योरिटी से पहले ही बंद (FD closed before maturity effect ) कर किसी बेहतर रिर्टन वाले टूल में निवेश करने का मन बना रहे हैं। आइए जानते हैं कि ये सब करना उन लोगों के लिए कितना आसान होगा।
बैंक माफ कर सकती है प्रीमेच्योर निकासी पर जुर्माना
आप बैंक के साथ फिर से लॉन्ग टर्म की एफडी *(FD Penalty Free) के लिए री-इंवेस्टमेंट कर सकते हैं। ऐसे में निवेश करने वालों को अपने बैंक के साथ फाइन स्ट्रक्चर और प्रीमेच्योर निकासी पर मिलने वाली ब्याज दरों के के बारे में अच्छी तरह से जानकारी ले लेनी चाहिए। वहीं अगर आप समय से पहले एफडी तुड़वाते हैं तो बैंक इसके लिए आपसे जुर्माना वसूल करता है। इस पर हर बैंक एफडी की प्रीमेच्योर निकासी पर अलग-अलग जुर्माना वसूल करते हैं। बता दें कि यह पेनाल्टी आमतौर पर 0.5 प्रतिशत ( FD Penalty Rate) तक की हो सकती है।
मैच्योरिटी से पहले एफडी से पैसे निकलवाने पर स्टेट बैंक लगाता है इतनी पेनाल्टी
हाल ही में रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट घटाए जाने के बाद लोन लेने वालों की ब्याज दरें 6.50 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत (FD Interest) कर दी है। जिसके बाद बैंकों की ओर से एफडी पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में भी कटौती हो गई है। ऐसे में भारी-भरकम राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल चुके लोगों के लिए भारतीय स्टेट बैंक पांच लाख रुपये तक के टर्म डिपॉजिट की समय से पहले पैसे निकालने पर इस पर आधा प्रतिशत ही ब्याज वसूल करता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांच लाख रुपये से अधिक के टर्म डिपॉजिट पर एक प्रतिशत तक का जुर्माना वसूला जाता है. वहीं, पंजाब नेशनल बैंक मैच्योरिटी से पहले एफडी के खाते से पैसे निकालने पर एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से 0.5 या एक प्रतिशत कम ब्याज देगा। वहीं एचडीएफसी बैंक मैच्योरिटी (Pre Mature FD Penalty) से पहले निकासी करने पर आप लोगों को इस पर एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से एक प्रतिशत कम ब्याज मिलेगा।