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CIBIL स्कोर का खराब होना पड़ सकता है भारी, इन तरीकों से कर सकते हैं सुधार

CIBIL Score : सिबिल स्कोर (CIBIL Score ) क्रेडिट हिस्ट्री और लोन चुकाने की क्षमता दर्शाता है। ऐसे में अगर आप बैंक से किसी भी प्रकार का लोन लेने जाते हैं तो इससे पहले आपके सिबिल स्कोर को चेक किया जाता है। अगर आपका सिबिल खराब है तो आप  बैंक से लोन लेने के वंचित कर दिए जाते हैं। आज हम आपको खराब सिबिल स्कोर को सुधारने के तरीकों (loan tips) को बारे में बताने जा रहे हैं आइए जानते हैं खबर में।
 
CIBIL स्कोर का खराब होना पड़ सकता है भारी, इन तरीकों से कर सकते हैं सुधार

Trending Khabar TV (ब्यूरो) : जब भी आप अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से किसी भी प्रकार का कोई लोन उठाने का मन बनाते हैं तो इससे सिबिल स्कोर का बेहतर होना अहम माना जाता है। बता दें कि 750 के आसपास का सिबिल स्कारे अच्छा माना जाता है। वहीं आपका सिबिल स्कोर डाउन है तो हम आपको कुछ आसान से टिप्स (how to improve cibil score) के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे फॉलो कर आप सिबिल स्कोर में सुधार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से। 

क्रेडिट कार्ड या लोन का समय पर करें भुगतान 
अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड या बैंक से लिया गया लोन की किस्तों का समय पर भुगतान कर देते हैं तो इसका असर आपको सिबिल स्कोर पर पड़ने लगता है और ही कुछ  ही समय में आपका सिबिल स्कोर अप होने लगता है। ऐसे में आप समय पर किस्तों (Loan Approval tips) का भुगतान नहीं  करते हैं तो आपका सिबिल स्कोर डाउन होने लगेगा।

 
ज्यादा क्रेडिट लिमिट इस्तेमाल करना 
अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड (credit card limit) है और इसका यूज आप लिमिट से बहार करते हैं तो यह आपके सिबिल स्कोर को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अगर आपकी क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख के आसपास की है तो आप इसका यूज सिर्फ 30 प्रतिशत तक ही करें। बता दें कि क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो आपके क्रेडिट कार्ड  की हिस्ट्री बताता है ऐसे में बैंक को इस बात की जानकारी मिलती रहजी है कि आप अपने एक महीने में क्रेडिट कार्ड का यूज कितना किया है।   


बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना
ऐसे में अगर आप एक से कई बार  (cibil score kese sudhary) लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक से आवेदन कर रहे हैं तो  ऐसे में बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की जांच करता है। इसे हार्ड इन्क्वायरी भी कहा जाता है। बार-बार फाइंनेसियल हिस्ट्री की जांच करवाने पर इसका असर आपकी सिबिल स्कोर पर पड़ सकता है।  

लोन अकाउंट को डिफॉल्ट करना
बता दें कि अगर बैंक से आपने कोई लोन लिया है और लोन की ईएमआई (equated monthly installment) आप समय पर नहीं कर पाते हैं तो बैंक आपको डिफाल्टर घोषित कर  देता है जिस कारण से आपका सिबिल स्कोर खराब होने लगाता है। लोन का समय पर भुगतान कर आप इस सिबिल स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।  


क्रेडिट मिक्स की कमी में करें सुधार  
अगर आप क्रेडिट कार्ड पर पर्सनल लोन, होम लोन, या ऑटो लोन एक से अधिक बार नहीं लेते हैं तो  आपकी क्रेडिट  (cibil score)  रिपोर्ट में सिर्फ एक ही प्रकार का क्रेडिट लोन शो होगा ऐसे में आप अपना सिबिल स्कोर बेहतर बना सकते हैं।  


पुरानी क्रेडिट हिस्ट्री को रखें जारी  
आप अपने पुराने क्रेडिट अकाउंट को क्लोज ना करवा कर सिबिल स्कोर को (saving account tips) बेहतर बना सकते हैं। क्योंकि अगर आपने कोई पुराना क्रेडिट अकाउंट क्लोज कर दिया है, तो इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो जाती है, जो आपके सिबिल स्कोर को प्रभावित कर सकती है।

गलत या विवादित जानकारी
कई बार बैंक की गलती के कारण साथ ही आपकी छोटी- मोटी गलतियों से क्रेडिट रिपोर्ट (Incorrect or disputed information) में गलत जानकारी मिल जाती है तो इससे आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है। इस बात की जानकारी आप तुरंत बैंक को देकर इसे ठीक करवा अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।

   
सिबिल स्कोर सुधारने के उपाय
अपने लोन और क्रेडिट कार्ड की किस्त (emi kese pay kare) समय पर चुका कर सिबिल स्कोर बेहतर बना सकते हैं।  
क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30 प्रतिशत से ज्यादा यूज करने से करें बचाव  
एक से अधिक बार लोन लेने से बचें  
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट समय-समय पर करें जांच गलती मिलने पर तुरंत करवा लें ठीक 
अगर  आप लोन ले रहे हैं तो आपको सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का बैलेंस करना होगा। ऐसे में एक तरफ का लोन लेने से आपके सिबिल स्कोर पर इसका असर पड़ता है।